पटना: बाबू वीर कुंवर सिंह की 1857 की लड़ाई में अंग्रेजों पर ऐतिहासिक जीत के 167 वर्ष पूरे होने पर पटना के विद्यापति भवन में विजयोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से किया गया, जिसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मुख्य अतिथि रहे।
इस मौके पर तेजस्वी यादव को महाराणा प्रताप के वंशज शक्ति सिंह मेवाड़ द्वारा भिजवाई गई चांदी की तलवार भेंट की गई, जिसे सारण विकास मंच के संयोजक शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने सौंपा। कार्यक्रम में वीर कुंवर सिंह के बलिदान और योगदान को याद करते हुए तेजस्वी ने 80 फीट ऊंची घोड़े सहित प्रतिमा बनाने की मांग की।
“जब हमारी सरकार बनेगी, हम खुद करेंगे उद्घाटन” – तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने भावुक अंदाज़ में कहा, “अगर हमारी सरकार बनती है, तो बाबू वीर कुंवर सिंह की 80 फीट ऊंची घोड़े पर सवार प्रतिमा हम खुद बनवाएंगे और उसका उद्घाटन भी अपने हाथों से करेंगे।”
उन्होंने कहा कि वीर कुंवर सिंह केवल योद्धा ही नहीं थे, बल्कि संगीत में भी निपुण थे। उन्होंने कहा, “जिसने तबला और हारमोनियम बजाया, उसी ने जरूरत पड़ने पर अंग्रेजों को भी बजा दिया। आज की पीढ़ी को उनके आदर्शों से सीख लेने की जरूरत है।”
लालू यादव के कार्यकाल की भी दिलाई याद
तेजस्वी ने कहा कि लालू यादव के मुख्यमंत्री रहते आरा में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी और पटना के आर ब्लॉक में उनकी प्रतिमा भी लगवाई गई थी। साथ ही, डोरीगंज से आरा तक बने पुल का नाम भी वीर कुंवर सिंह के नाम पर रखा गया।
सरकार पर साधा निशाना, कहा – “हमने नौकरी दी, दूसरों ने सवाल उठाए”
तेजस्वी ने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 2020 में उन्होंने 10 लाख नौकरियों का वादा किया था, जिसे लेकर लोगों ने सवाल उठाए। लेकिन जब मौका मिला, तो 5 लाख सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र गांधी मैदान से एक ही दिन में बांटे गए, जो अपने आप में ऐतिहासिक था।
उन्होंने यह भी कहा कि आज बिहार में नौजवान बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और व्यवस्था की लापरवाही से जूझ रहे हैं। “बिना घूस के कोई काम नहीं होता,” तेजस्वी ने कहा।
प्रधानमंत्री पर भी साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे को लेकर तेजस्वी ने तंज कसा और कहा, “मोतिहारी में चीनी मिल शुरू करवाने की बात तो कही, लेकिन 11 सालों में शुरू नहीं कर पाए। जबकि हमने रिगा मिल शुरू करवा दी।” उन्होंने नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा, “मुख्यमंत्री निवेशक मीटिंग में भी नहीं जाते, तो बिहार में विकास कैसे होगा?”
“नई गाड़ी, नई सरकार पर सवार होगी जनता”
तेजस्वी ने अंत में भरोसा जताया कि 2025 में बिहार की जनता नई उम्मीद और नए विश्वास के साथ नई सरकार को मौका देगी। उन्होंने कहा, “हम दो बार उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं, अब बिहार को नई दिशा देने की जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं। हम सबको साथ लेकर नया बिहार बनाएंगे।”